क्या जीत पाएगी आम आदमी पार्टी मध्यप्रदेश का 2018 विधानसभा चुनाव?



आम आदमी पार्टी मध्य प्रदेश के संयोजक आलोक अग्रवाल की माने तो आगामी विधानसभा चुनाव में आप मध्यप्रदेश की पूरी 230  सीटों पर चुनाव लड़ेगी| पहले पहल सुनने में ये दावा बेहद अतिवादी लगता है लेकिन 70 में से 67 सीटें जीतने वाली पार्टी के बारे में किसी भी तरह का पूर्वाभास बचकाना हो सकता है!

पाकिस्तान बॉर्डर से सटे राज्य पंजाब में नशाख़ोरी से हो रहे मुनाफ़े में की बंदरबांट में जितनी पार्टियां मग्न थी, आप के चुनाव लड़ने मात्र उन सभी पार्टियों की दांतों में पसीना आ गया था|

बहरहाल, मध्यप्रदेश दिल्ली से 200  गुनाह बड़ा है, ये राज्य पंजाब, गोवा और कर्णाटक सबसे बड़ा है| मध्यप्रदेश चारित्रिक रूप से भारत जैसा है| यानि की कई जाती, धर्म, छेत्र, भाषा, बोली, विचार, मिटटी और जलवायु से मिल के बनता है मध्य प्रदेश|

पंजाब की पंजाबी पहचान है, गोवा की कोंकड़ी, कर्णाटक की कन्नड़, ओड़िया, मराठी, बंगाली, बिहारी सब राज्य का अपना एक छेत्रीय गौरव है| लेकिंग मध्य प्रदेश, निमाड़ी, मालवी,बघेली, बुंदेली, कौशली आदि में पसरा हुआ है| यहाँ आदिवासी भी भील और गोंड, बैजा आदि आदि में अलग हैं, होशंगाबाद का किसान अशोकनगर के किसान से बेहतर है। बियाऔरा की समझ महिलाओं के अधिकारों के प्रति जबलपुर से ज्यादा सजग है| लेकिन दांपत्य जीवन मे विवेकपूर्ण विचार छतरपुर की तरफ ही मिलेंगे। 
ये कोई एक मूल मसला नहीं है जिससे सब के सब मध्यप्रदेश वासी भयणं पीड़ित हों। यहाँ समस्याएं भी वैसी ही बंटी है, जैसे इंसान जातियों में बंटा हो। यहाँ दिल्ली जैसी शहरी दिक्कतें नहीं है। भ्रष्टाचार यहां समस्या नही शौर्य माना जाता है। अगर मेरे नेता मुझे कंटिया फसा के बिजली चोरी करने देता है तो मेरा नेता शेर है, अगर वो चुनावों में 5 चूड़ियों वाली गाड़ी से प्रचार में आता है तो वो बब्बरशेर है। यहां दबंगई ही नेतृत्व है। 
तो क्या आलोक अग्रवाल जैसे शालीन, आई आई टी कानपुर के इंजीनियर, जनता के हक़ के लिए लाठी खाने वाले, मां नर्मदा के सपूतों के लिए जल सत्याग्रह करने वाले विचारशील नेता मध्यप्रदेश का से समर जीत पाएंगे? 
क्या महाराज जैसे रईसजादे, कमलनाथ जैसे दंगापरस्त, और शिवराज जैसे गोलीबाजों के सामने इंसान प्रेमी आलोक अग्रवाल टिक पायेगा? नर्मदा परिक्रमा का ढोंग करने वाला जातिवादी राजा या 2 नंम्बर के पैसों से महंगी गाड़ियों का शौक पालने वाले दो-नंबरी नंदलाल आलोक अग्रवाल जैसे विचारपुंज को हरा देंगे? 
जवाब है कि अगर आपको लगता कि आलोक अग्रवाल जीत जाएगा तो आलोक जीतेंगे, और आपको लगता है कि नहीं तो फिर आप सही सोंच रहे हैं। 
हेनरी फोर्ड के इस वाक्य में ही हमारी आपकी विजयगाथा लिखी हुई है। आलोक पूरी ताकत से हमारे आपके लिए लड़ रहा है। अनशन कर रहा है। लाठियां कहा रहा है, जेल जा रहा है। गली मोहल्ले, गांव शहर पैदल जा रहा है, जनता का दर्द बांटने। 
ये चुनाव आलोक तो जीत जाएगा, आप भी इस जीत का हिस्सा बनिये। हुंकार भरिये... शंखनाद करिये। 
आप भरोसा रझिये 230 सीटों पर होने वाला ये चुनाव आम आदमी पार्टी नहीं आम आदमी लड़ेगा। 
विचार कीजये इस बार 8000 करोड़ रुपए के इश्तेहारों की सरकार बनेगी या आम आदमी के प्यार की सरकार बनेगी। 

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